सयानी चिड़िया हिंदी कविता

सयानी चिड़िया हिंदी कविता

पहले गाना गाती चिड़िया

पीछे दाना खाती चिड़िया।


खिड़की खिड़की दस्तक देकर

घर के भीतर आती चिड़िया,

कोमल-कोमल तिनके चुनकर

अपना नीड़ बनाती चिड़िया।


कभी धूल में, कभी ताल में

धो-धो पंख नहाती चिड़ियां,

काजल-मेहँदी-कंगन लेकर

सोलह रूप सजाती चिड़िया।


और सयानी बिटिया जैसी

देश छोड़ उड़ जाती चिड़िया,

भूली-बिसरी यादें बनकर

बहुत-बहुत तड़पाती चिड़िया।

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