तुम्हारी याद हिंदी कविता

तुम्हारी याद हिंदी कविता


जब बहुत सुबह चिड़ियाँ उठकर

कुछ गीत खुशी के गाती हैं,

कलियाँ दरवाजे खोल खोल

जब दुनिया पर मुसकाती हैं,


खुशबू की लहरें जब घर से

बाहर आ दौड़ लगाती हैं,

हे जग के सिरजनहार प्रभो!

तब याद तुम्हारी आती है।


जब छम-छम बूँदें गिरती हैं

बिजली चम चम कर जाती है,

मैदानों में, वन-बागों में

जब हरियाली लहराती है,


जब ठंडी-ठंडी हवा कहीं से

मस्ती ढोकर लाती है,

हे जग के सिरजनहार प्रभो !

तब याद तुम्हारी आती है।


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